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मीडिया हरकत मे आई फिर पुलिस ने पिटाई लगाई

संत रामपाल के खिलाफ ताज़ा गैर जमानती वारंट जारी हुआ है, उन्हे 21 नवंबर कोर्ट मे पेश होना है। अब आप सब सोच रहे होगे की आखिर यह संत रामपाल है कौन? रामपाल हरियाणा के गुरु है इनपर दो केस चल रहे है पहला वर्ष 2006 मे एक व्यक्ति की मौत इनके रोहतक आश्रम मे दूसरा कोर्ट की तौहीन (Contempt of court)। तीन दिन(20नवंबर) के अंदर अगर रामपाल कोर्ट मे पेश नही हुये तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पेश होना होगा। रामपाल को सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट मे पेश होना था पर बीमारी का बहाना बता के वो कोर्ट नहीं आए,

दरासर वो थोड़ा मीडिया से नाराज़ है। सारी मीडिया उनको पूछती नहीं सब या तो बाबा आशाराम या बाबा रामदेव की कवरेज करते है कोई भी रामपाल को नहीं पूछता इसीलिए सुर्किया बटोरने के लिए रामपाल ने यह पेतरा अपनाया ।
जैसे ही संत रामपाल ने कोर्ट मे आने को माना कर दिया, रामपाल के हजारो समर्थक आश्रम के बाहर बैठ गए, रामपाल बच्चो और महिलाओ को ढाल बना कर ड्रामा कर रहे है। अरे भैया जितने समर्थक पुलिस का विरोध कर रहे थे शायद उतने फौजी जवान कश्मीर मे नहीं होते वरना आए दिन सीज फायर का उलंगन सुनाई नहीं देती। पाकिस्तानी सेना हमारे सेना जवानो पर हमला ना करती।

मेरे खयाल से संत रामपाल बड़े ही देशभक्त इंसान है तभी तो उनके पास बहुत ढेर सारे हथियार है जिससे वो हरियाणा के लोगो की सुरक्षा करेगे तभी तो उनके समर्थन के लिए भरी भीड़ जुटी है। अगर आतंकवादी देश पर हमला बोल दे तो संत रामपाल सारे अंतकवादियों को डरा के भागा देंगे तभी तो उन्होने अपने आश्रम मे एसिड बॉम्ब , पेट्रोल बॉम्ब , क्रूड-ऑइल का टैंक, तेजाब , एसिड का भंडार जमा कर करके रखा है। पत्थर के ढेरे इखट्टा कर रखा है। कितने दूर दर्शी है श्री रामपाल जी, इतना दूर का तो हमारा दूरदर्शन भी नहीं सोचता होगा जितना इन महाराज ने सोच लिया। वाह जानके अच्छा लगा हमारे रक्षा मंत्री जी को देश की सुरक्षा के लिए हथियार आपने देश से ही लेना पड़ेगा, आखिर मोदी जी का “मेक इन इंडिया” का सपना पूरा हो गया ।

police beating media person

police beating media person

आप सब लोग हमारी पुलिस से तो वाकिफ होगे ही दुसरी सुखद बात उनही पर यह है की आज बेचारे मीडिया कर्मी तो अपने दायरे मे रह कर कवरेज कर रहे थे पर रामपाल के आश्रम के बाहर पुलिस ने मीडिया कर्मियों को खूब पीटा, उनके कैमरे तोड़ दिया। पुलिस जनता की मदद के लिए तत्पर रहती है, पुलिस के आला अफसर हमेशा सोते नहीं है बल्कि अपने बल से जनता को सुला ही देते है। आज मैंने न्यूज़ मे देखा की हरियाणा पुलिस ने 20 मीडिया कर्मियों को बलभर पिटा, यह जालिम समाज कभी भी दयालु- कर्मठ पुलिस को समझ नहीं सकती। बड़े सौभाग्य की बात है की मीडियाकर्मी पुलिस के डंडे के शिकार हुऐ, बड़े भाग्यवान होते है वो जो पुलिस के हत्ये चड़ते है। कुछ इतने भाग्यवान होते है की पुलिस अपना जादू का डंडा चलाती है तो वो सीधे स्वर्ग के दर्शन को प्रस्थान करते है। हमसबको हरियाणा सरकार का शुकगुजार होना चाहिये क्यूंकी सरकार ने पुलिस को डंडा दिया है आप समझदार है आखिर क्यूँ?

— written by Anu Saxena
pic from google.

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