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हिन्दी भाषा कभी समाप्त नहीं हो सख्ती है।

आज हिन्दी दिवस है। हिन्दी दिवस पर सभी को शुभ कामनाए । 14सितंबर1949 को देवनागरी लिपि को केंद्र की सरकारी भाषा बनाई गयी थी । आज का दिन इस लिए महतवपूर्ण है क्यूंकी हिन्दी 30करोड़ से भी ज्यादा लोगो की मातृ भाषा है,जो की विश्व की चौथी बड़ी बोलने वाली भाषा है।
अंग्रेज़ो ने भारत को 200 साल तक शासन किया जिसका कही ना कही असर दिखता है, आज हर जगह भारत मे अंगेजी माध्यम के स्कूल-कॉलेज फल-फूल रहे है, हर माँ-बाप अपने बच्चे को इंग्लिश मीडियम स्कूल मे भेजना पसंद करते है, कोई नहीं चाहता की उनका बच्चा हिन्दी मीडियम मे पढ़ाई करे।
भाषा तो भाषा होती है चाहे वह अंगेजी ,बंगाली,उर्दू या हिन्दी हो। सब भाषा का काम है की एक दूसरे को बांधे रखे फिर भी हम भाषा की राजनीति मे फंस जाते है। जैसे महाराष्ट्र मे मराठी बोलेंगेए,बंगाल मे बंगाली बोलेंगेए ,और दक्षिण भारत मे तो नारा तक दे दिया की- “हिन्दी नेवर इंग्लिश एवर (hindi never English ever)” । सब लोग अपनी छेत्र की भाषा बोलते है,लेकिन भारत की भाषा कोई नहीं बोलता, आज भारत को आज़ाद हुये 67साल हो गए है है फिर भी भारत की कोई राष्ट्र भाषा नही है,हिन्दी सिर्फ राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त कर पायी है।
जैसे जैसे आधुनिक युग है ,हिन्दी अपनी रफ्तार पकड़ रही है, केंद्र सरकार ने हिन्दी मे ज़ोर दिया है, आज हर दफ्तर मे हिन्दी का प्रयोग होता है, आज हिन्दी चैनल के न्यूज़,सिरियल्स, फिल्म सबसे ज्यादा देखी जाती है। अब तो क्रिकेट की कोममेंटरी तक हिन्दी मे आती है। मोबाइल के प्रसार, फेस्बूक हर जगह आप हिन्दी का पेज और उनका प्रयोग कर स्ख्ते है। हर स्मार्ट फोन मे हिन्दी भाषा का फॉन्ट उपलब्ध है। आज इंडिया मे 40% लोग इंटरनेट मे हिन्दी का प्रयोग करते है।
सबलोग सोच रहे थे की अँग्रेजी भाषा हिन्दी को खत्म कर देगी ,लेकिन हिन्दी ने अपने आप को नए अवतार मे सबके सामने पेश किया, जिसका श्रेय जाता है सभी हिन्दी भाषी को जिनहोने हिन्दी का प्रयोग किया सोश्ल मीडिया,मोबाइल,इंटरनेट , अखबार ,रेडियो और सभी सरकारी दफ्तरो मे।
केंद्र सरकार का हिन्दी का प्रयोग से हिन्दी को बल मिला है, उन्होने अपने हर मंत्री को हिन्दी के प्रयोग पर ज़ोर दिया, प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ भी हिन्दी मे लिया जिससे विदेशो मे यह पैगाम गया की भारत मे अगर पैर जमाना है तो हिन्दी मे केन्द्रित रहे। यहा तक की मोदी ने हर जगह देश-विदेश मे हिन्दी मे ही भाषण दिया, जिससे हर जगह हिन्दी मे लेख-आलेख की होढ़ लग गयी। आज हिन्दी किसी भी प्रकार से किसी से कमज़ोर नहीं है। कमजोर वो लोग है जो हिन्दी को किसी से कम मानते है, आज हिन्दी का प्रयोग सिर्फ भारत मे ही नही पूरे विश्व मे हो रही है, आज हिन्दी की लोकप्रियता के कारण हिन्दी के अनुवादक की मांग पूरे विश्व मे है। हर किसी को भारत को समझना है तो हिन्दी को समझे क्यूंकी हिन्दी मे हिन्द है और हिन्द मे हिन्दी है। हिन्दी भाषा कभी भी भारत से समाप्त नही हो सख्ती है इसीलिए इस भाषा का आगे बहुत तेज़ी से प्रयोग बढने वाला है. हिन्दी का उजवाल भविष्य है। लोग हिन्दी दिवस का त्योहार बना के इस बात को मानते है की हिन्दी अपने आप मे एक खूबसूरत राज्य भाषा है भारत की जिसको राष्ट्र भाषा का दर्जा मिलना चहेए पर किनही वर्श नहीं मिल पाया, आज के दिन हम सबको संकल्प लेना चहेए की हम हमेशा हिन्दी को बढ़ावा देंगे।

Anu Saxena

anusaxena420@gmail.com

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